विश्व ओजोन दिवस पर कविता | World Ozone Day Poems In Hindi

World Ozone Day Hindi:- पृथ्वी पर जीवन जीना धीरे धीरे कठिन होते चला आ रहा है हम सब जानते हैं हमारे पूर्वज लोग बहुत कम संसाधनों में अपना जीवन यापन कुशलता पूर्वक किया करते थे परंतु आज मौजूदा समय में मनुष्य आधुनिकता की ओर प्रतिदिन बढ़ते चला जा रहा है। जिसके फलस्वरूप हम लोगों को कई सारी प्राकृतिक विपदा ओं का सामना करना पड़ता चला जा रहा है क्योंकि हम आधुनिक वस्तुओं इस्तेमाल करते हैं तो उससे हमारे वायुमंडल को प्रभावित होना पड़ता है। यही कारण है कि ओजोन लेयर जो पृथ्वी के धरती से आसमान के बीच में एक परत होती है जो हमें सूर्य के हानिकारक किरणों से हमें बचाती है यह किराडे धीरे-धीरे नष्ट होती चली जा रही हैं जिस से बचाना और इसकी रक्षा करना हम सभी मनुष्यों का परम कर्तव्य होना चाहिए।

World Ozone Day Poems In Hindi Slogan Shayari


सभी देशों के लोगों के प्रतिनिधियों ने एक मंडल बनाया जिसे हम यूएन के नाम से भी जानते हैं ओजोन लेयर की रक्षा करने हेतु और इसके प्रति जागरूकता फैलाने हेतु 16 सितंबर को पूरी दुनिया के सभी देशों में "विश्व ओजोन दिवस" के रूप में मनाया जाता है जिसका उपदेश ओजोन परत को सुरक्षित करने के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाई जाती हैं ताकि हमारा वातावरण सुरक्षित रहे और हम प्राकृतिक आपदाओं से दूर रहे।


World Ozone Day Poems In Hindi- विश्व ओजोन दिवस पर कविता 


पराबैगनी किरणों से, 
ओजोन हमको बचाती है। 
पृथ्वी को हरा-भरा करने में, 
मदद यह हमारी करती है।

16 सितंबर को हम सब, 
ओज़ोन दिवस मनाते है। 
धरती को हम सब मिलकर, 
से प्रदूषण से बचाते है।

बिना इस परत के देखो, 
त्वचा कैंसर है फैलता। 
ज्यादा पराबैगनी किरणें आने से, 
जीव जगत है झुलसता।

क्लोरोफ्लोरोकार्बन का, 
जितना हो कम प्रयोग करें। 
अपनी पृथ्वी को नष्ट होने से बचाने में सहयोग करें।
रचनाकार- आकांक्षा मिश्रा 

Poetry On World Ozone Day 16 September 2021 in Hindi


कर लो सुध कुदरत की आज,
की है हमने जिससे छेड़छाड़ ।
करके छिद्र ओजोन परत में,
क्यों रहे स्वार्थ के झंडे गाड़।

अपनी धरा के सुरक्षा कवच को,
हम सब मिलकर तोड़ रहे ।
बो कर कांटे राहों में अपनी,
फूलों की बाट जोह रहे ।

अपने आराम कि खातिर हमने,
अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी है।
अपने स्वार्थ सिद्धि की खातिर,
बरबादी का कृत्य अब भी जारी है।

पराबैंगनी किरणें सूर्य की,
हम सबके लिए घातक हैं।
प्रकृति द्वारा रचित अनुपम,
ओजोन ही हमारी रक्षक है।

त्वचा, नेत्र और कैंसर जैसी,
नित फैल रही महामारी हैं।
संभल जाओ अब नादानों,
अब जान पर बनी हमारी है।

ओजोन बिना मत कर कल्पना,
वसुंधरा पर जीवन की ।
हो जाएगा विनाश धरा पर,
यदि की हमने अपनी मनमानी ।

अंधाधुंध वनों की कटाई,
और वाहनों का दूषित धुआं ।
अपनी लालसाओं में अंधे हम,
खुद खोद रहे मौत का कुआं।

दे रही चेतावनी प्रकृति,
सुनों पृथ्वीलोक के प्राणी,
बहुत हो चुका तेरा नाटक,
बन्द करो अपनी मनमानी ।

ओजोन बिना वसुधा कैसी,
वसुधा बिन जीवन कैसा।
जरा सोच कर देखो प्राणी,
होगा सृष्टि का भविष्य कैसा ।

आओ प्राचीन परम्परा अपनाएं,
धरा को हरा भरा बनाएं।
प्रौद्योगिकी पर कस कर सिकंजा,
ओजोन सुरक्षा कवच बचाएं।
रचना - सपना ( स ०अ० )

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उम्मीद करूंगा कि आप 16 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय ओजोन परत सुरक्षा दिवस अपने घर में अपने परिवार के साथ मिलकर मनाएंगे और अपनी प्रकृति को सुरक्षित करने में आप अपना योगदान कुशलता पूर्वक करेंगे धन्यवाद