Poem On Child Labour Day In Hindi

Poetry On World Child Labour Hindi:- विश्व में बाल मजदूरी दिवस हर साल 12 जून को मनाया जाता है। बाल मजदूरी बच्चों से लिए जाने वाला काम है जो किसी भी क्षेत्र में उनके मालिकों द्वारा करवाया जाता है। बचपन में सभी बच्चों का अधिकार होता है जो माता पिता के प्यार में सभी को मिलना चाहिए एक गैर कानूनी काम है जो छोटे बच्चे को जीने पर मजबूर करता हैं।

Child Labour Day Poems in Hindi - बाल मजदूर दिवस की कविताये


मैं मजदूर हूं अपनी मजबूरी का बोझा ढ़ोता हूं
काट अपने सपनों के पंख घूंट सब्र का पीता हूं
दो वक्त की रोटी की खातिर रोज पसीना होकर
अपने दर्द को भी अपनी मुस्कानों में जीता हूं।।

Poems On World Day Against Child 2021 in Hindi - विश्व बाल श्रमनिषेध दिवस 


कंधो पर जीवन का बोझ
किताबो की जगह हैं रद्दी का बोझ
जिस मैदान पर खेलना था
उसको साफ़ करना ही जीवन बचा
जिस जीवन में हँसना था

वो आंसू पी कर मजबूत बना
पेट भरना होता क्या हैं
आज तक उसे मालुम नहीं
चैन की नींद सोना क्या हैं
आज तक उसने जाना नहीं

बच्पन कहाँ खो गया
वो मासूम क्या बताएगा
जीवन सड़क पर गुज़र गया
वो यादे क्या बताएगा

कभी तरस भरी आँखों से
वो दो वक़्त का खाता हैं
कभी धिक्कार के धक्के से
वो भूका ही सो जाता हैं

बाल मजदूरी पाप हैं
नियम तो बना दिया
ये उसके हित में हैं
या जीवन कठिन बना दिया

जब आज खतरे में हैं
वो क्या जीवन बनाएगा
जब पेट की भूक ही चिंता हैं
तो वो क्या पढने जाएगा

बाल मजबूर मजबूर हैं
नियम और सताता हैं
अगर देश को मजबूत बनाना हैं




Best Poetry On Child Labour Day In Hindi


हथौड़ा चलता हुआ बच्चा 
हांफ-हांफ जाता है 
हर हथोड़े की चोट के साथ।

बच्चा अपने को पसीने से 
तर-ब-तर पाता है 
हर हथौड़े की चोट के साथ, 
लोहा पीटते हुए
बच्चा होता है चूर-चूर
थकान से भरपूर।

बच्चे की हथेलियां
छालों से भर जाती हैं  
उन पर ठेकें उग आती हैं |

बच्चा धोकनी चलाते हुए।
लोहा तपाते हुए
अपनी जिंदगी भी फूंकता है
लोहे की तरह दिन-रात 
धोंकनी के साथ।

बच्चे को
सुखद अनुभूतियां देता है
नयी-नयी शक्ल में
बदलता हुआ सुर्ख लोहा
पिटने के बाद ठंडा होते हुए।

बच्चा बार-बार चिहक उठता है 
पानी में गिरते ही 
सुर्ख लोहे को छुन्न के साथ।

क्यों कि बच्चा जानता है 
पिटे लोहे का ठन्डा होना 
उसकी हथेली पर
ग्राहक की
चवन्नी-अठन्नी का उछलना है 
उसके परिवार का पलना है।
-रमेशराज

Short Poem On World Child Labour In Hindi


चोरी नहीं, लूटमारी नहीं, तहज़ीब से गरीबी पाले हुए हैं,
मजदूर के तो बच्चे भी घर संभाले हुए है... 
आइये आज इस विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर 
हम संकल्प लें कि हम बाल श्रम के खिलाफ समाज में 
जागरूकता फैलाएं और मासूमों के बचपन के साथ खिलवाड़ ना होने दें।।।

बाल श्रमिक पर चर्चा केवल हम सब करते
हालत उनकी देख के झूठी आहें भरते
सोचो अपने बच्चों से भी,
क्या हम ये करवाते
करवाना तो दूर, सोच कर , नयन भर आते
आँखों में ‘ छोटू’ स्थान पे पुत्र को लाओ
फिर उस बालक को अपना इन्साफ दिलाओ
बाल श्रमिक निषेध दिवस है, 
आज मना लो निष्ठुर हाथों के जुल्मों से 
बाल बचा लो बाल मजदुर मजबूर हैं।।।

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बाल श्रम दिवस के खिलाफ एंटी चाइल्ड लेबर डे या विश्व दिवस बच्चों को यह गरिमा पूर्ण जीवन जीने और बाल श्रम से लड़ने के लिए पर्यावरण प्रदान करने का अवसर प्रदान करता है गरीबी बाल श्रम का एक मुख्य कारण है जिसके कारण बच्चों को अपने स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है। उम्मीद करूंगा की आप सभी लोग आगे से छोटे बाल मजदूरों से कोई काम नही लेंगे और उन्हें आर्थिक मदत देने का काम करेंगे। ऊपर दिए गये कविताएं को अपने मित्रो के साथ शेयर करे ताकि वो भी जागरूक हो सके।