उत्कल दिवस पर कविता | Poem on Utkal Divas in Hindi

आज की कविता उत्कल दिवस पे होनी वाली हैं के उड़ीसा राज्य का इतिहास  लोगो को याद किया जाता है जिन्होंने उडीसा को आगे ले जाने और सफल बनाने के लिए योगदान और बलिदान दिया था इस दिन को उत्कल दिवस के नाम से मनाया जाता है उत्कल दिवस अलग-अलग राज्यों में मनाया जाता है बल्कि अन्य देशों में भी मनाया जाता है जहा उड़ीसा के लोग  रहते है
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1अप्रैल 1936 ई० में उड़ीसा के एक अलग राज्य के रूप में घोसित कर दिया गया है। इसी के उत्सव में उत्कल दिवस प्रतिवर्ष 1 अप्रैल को खुसी के साथ मनाया जाता है 1950ई० में उड़ीसा भारत का संघटन राज्य बना गया। बाद में वर्ष 2011 में उड़ीसा को ओडिशा को नाम से संविधान में संसोधन किया गया। साथ ही कोरिया भाषा को उडिया नाम बदल दिया गया उत्कल गौरव मधुसूधन दस उत्कलमणि गोपबंधु दास महाराजा श्री रामचंद्र भजडियो महाराजा कृष्ण चन्द्र थे।

उत्कल दिवस पर हिन्दी कविता | Utkal Diwas Poem in Hindi


प्राचीन काल मे उड़ीसा राज्य कलिंग राज्य का केंद्र था इसलिए आज भी उड़ीसा को कलिंग राज्य कहा जाता है। कलिंग सम्राज्य  के धीरे-धीरे पतन होते  समय कई हिन्दू राज्यवंस उड़ीसा में उभरे और उन्होने ने कई जगहों जैसे, पूरी भुनेश्वर कोणार्क में कई सुन्दर औऱ भव्य मन्दिर का निर्माण किया था उड़िसा में लम्बे समय तक मुसलमानों का प्रतिरोध के बाद  सन 1568 ई० में अफगानों ने आक्रमण कर के मुगलों को खदेड़ दिया मुगलों ने सन 1803ई०में उड़ीसा राज्य पर ब्रिटिश लोगो ने कब्जा कर लिया