आज की कविता महाशिवरात्रि पर होनी वाली है जिसे 11 मार्च 2021 में मनाया जाता है इसलिए महा शिवरात्रि पर कविता हिंदी में लिखी है। भारतवर्ष में हिंदुओं को तैतीस करोड़ देवी-देवता जिन्हें वे मानते है तथा पूजते है  परंतु उनमें से प्रमुख स्थान भगवान शिव का है भगवान शिव को मानने वालो ने शैव नामक संम्प्रदाय चलाया । शैव सम्प्रदाय के अधिस्ठता एवं प्रमुख देवता भगवान शिव ही माने जाते है ओर शिव की उपासना नियमित करते है कहते है सभी भगवान इतनी जल्दी खुश नही होते है जितनी जल्दी भगवान शिव खुश हो जाते है भगवान शिव के नाम - शास्त्रो और पुराणों में भगवान के अनेक नाम है जिसमे 108 नाम तो मैं यहां नही लिख सकता पर कुछ नाम जो आप सब जानते होंगे भगवान शिव को शंकर, भोलेनाथ, पशुपति, त्रिनेत्र, पार्वतिनाथ, आदि के नाम से जाना जाता ।

बोलेनाथ महाशिवरात्रि कविता हिंदी में


शिवरात्रि का नाम किस प्रकार पड़ा - शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव सभी जीव जन्तुओ के स्वामी ओर अधिनायक है ये सभी जीव जंतु किट पतंग भगवान शिव की इच्छा वसे ही सब प्रकार के कार्य होता है शिव जी छः माह तक कैलाश पर्वत से उतर कर धरती पर श्मशान घाट में निवाश  किया करते है इनके धरती पर अवतरण प्रायः फाल्गुन माश  के कृष्णा पक्ष की त्रयोदसी तिथि को हुआ करता है आवतरण का यह महान दिन शिवभक्तो में मनाया जाता है । 

महाशिवरात्रि पर्व पर कविता | Mahashivratri Par Kavita Hindi Mein

हर हर शंकर महादेव हे ,

आशुतोष तुम कैलाशी !
मृत्युंजय तुम शिव कल्याणक ,
हे शम्भु शांत काशीवासी !!
कालजयी गल शेष नाग धर ,
मदनांतक तुम सुखराशी !
नीलकंठ शशि भाल सुशोभित ,
विश्वनाथ मन अभिलाषी !!
कोमल चित्त कृपालु शिवा संग ,
स्वयम् सुशोभित सुस्मित हासी !
बाघाम्बर धारी शिव शंकर ,
तुम आप्त दिगंबर मद-मोह नाशी !!
मोह मदादिक दोष शांत कर ,
मम मन को निर्दोष करो !
मदन मना निष्कपट रहे नित ,
यह भाव सदाशिव पूर्ण करो !!
अनपेक्षित दुर्भाव भस्म हो ,
भस्मान्गरागि शिव कृपा करो !
शम् कर शिवकर मदनत मन हो ,
यह अनुकम्पा शिव आज करो !!
    "शिव रात्रि महापर्व "    
      ॐ नमः शिवाय 
             "मदन "

  हे  शंकर,  शुभंकर,  गंगधारी।
पीनाकधारी ,संतन हितकारी।
हे   अनंत ,    हे    गरल   कंठ
हे   सृष्टि  सृजन  के   आधारी।

अनल व्याकुल, विकल जल है
हरो  विश्व   भव   दंश    पुरारि।
सुविशाल   लोचन , त्रिनेत्रधारी
मत   देख  लीला  विनाशकारी।

डमड् ध्वनि के  स्वर  निनाद से
फिर एक  बार  भर  दो प्रकाश।
या  रौद्र रूप  तांडव  दिखाकर
कर  दो  दनुजता   का  विनाश।

अब   डाल  दृष्टि  मानवजन  पर
हे   शंभु  शरण  ,  हे   तापहारी।
करदो   सृष्टि   का    शोक हरण
प्रभु  दासी  जाऊँ  मैं वारि  वारि।

            प्रियदर्शिनी पुष्पा

महाशिवरात्रि शायरी इन हिंदी

जटा में गंगा रहती ,अनाथ के हैं नाथ।
नाग की माला पहने, जय- जय भोलेनाथ।।

जब कोई संकट पड़े, लो शिवजी का नाम।
भोलेनाथ  कृपा करें, बन  जाए सब काम।।

आराधना शुक्ला "बबली"
 अयोध्या ,उत्तर- प्रदेश।

नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय
भस्मांग रागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय
तस्मै न काराय नमः शिवाय।

शिव सत्य है, शिव अनंत है,
शिव अनादि है, शिव भगवंत है,
शिव ओंकार है, शिव ब्रह्म है,
शिव शक्ति है, शिव भक्ति है,
आओ भगवान शिव का नमन करें,
उनका आशीर्वाद हम सब पर बना रहे।

महाशिवरात्रि के महत्त्व– भारतवर्ष में महाशिवरात्रि बड़े पर्व के साथ मनाया जाता है पूरे भारत के लोग शिव जी के मंदिर को अच्छे से सजावट करते है और महिलाओं से लेकर आदमी भी ईनका पूजा करते है ओर इनके नाम से व्रत रहते है बिना दान पानी के रहते है। शिव जी की महिमा बहुत निराली है ये सभी भगवान में सेरेष्ठ माने जाते है और इनके दर्शन के लिए सब व्याकुल रहते है कि शिव जी का नाम हमेसा लेते रहते है शिव के पास अनेक शक्ति है जिसे कोई अनुमान नही लगा सकता है शिव के पास कितना शक्ति है।