आज की कविता हंस जिन्हें हम हंश के नाम से भी जानते है इसलिए आज हंस पर कविता हिंदी में यानि Poem On Swan लिखी गई है ताकि विद्यार्थी जो कक्षा 1,2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 के क्षात्र है वे अपने परीक्षा में अच्छा कर सके।

हंस जल में रहने वाला एक बहुत ही खूबसूरत पक्षी है। जो कि अन्य पक्षियों से बड़ा होता है।पूरे विश्व में हंस की सात से अधिक प्रजातियां पायी जाती है। हंस के पंख बहुत ही मुलायम होते हैं और उनका व्यास लगभग 3:1मीटर तक हो सकता है। हंस की गर्दन पतली और लम्बी होती है। हंस की अवसतन आयु 10 वर्ष की होती है पक्षी प्रजाति में हंस को सर्वश्रेष्ठ माना जाता हैं हंस को प्यार और पवित्रता का प्रतीक माना जाता हैं हंस दुनिया के सभी क्षेत्रों में पाया जाता है।

हंस पंक्षी पर कविता | Poem on Swan In Hindi
हंस Swan Poem Hindi


आमतौर पर हंस झीलों या बड़े बड़े तालाबो के पास पाये जाते हैं । हंस का जीवन काल 8-12 साल तक होता है। हंस जगत के देवता ब्रम्हा और माता सरस्वती का वाहन है। हंस सफेद ,काले और भूरे रंग के पाये जाते है और उनकी चोंच नारंगी रंग का होता है। हंस ज्यादा तर बीज, बैरिया और छोटे छोटे कीड़े मकोड़े खाते हैं हंस बत्तख से मिलते जुलते पक्षी है। 

हंस पंक्षि पर कविता | Poem On Swan Bird In Hindi


जो अपना ज्यादातर जीवन पानी में ही गुजारता हैं हंस हमेशा जोडें में पाए जाते हैं हंस उड़ाने वाले पक्षियों में से एक है। इनका वजन 15 किलो तक होता हैं हंस की अलग अलग प्रजातियां दुनिया के हर क्षेत्र में पाए जाते हैं लेकिन अफ्रीका और अंटार्टिका का ऐसे देश है जहाँ ये पक्षी नहीं पाए जाते है। 

हंस दिखने में बहुत शांत पक्षी होते हैं और पानी में बहुत धीरे धीरे तैरते है। लेकिन हवा में ये 60 मिल प्रतिघण्टे के रफ्तार से उड़ सकते है। एक साथ जब कई हंस समुह में उड़ते है तो वे ए-पी आकार में उड़ते है। 

हंस बहुत ही गंभीर होते हैं खाश कर जब वे अपने अंडे व शिशुओं की रक्षा कर रहे होते हैं तब उनके क्षेत्र में प्रवेश करने वाले किसी भी अन्य पक्षी पर हमला कर देते हैं हंस सर्वहारी पक्षी है। इनके शरीर पर 25 हजार से भी अधिक पँख पाए जाते है। हिंदू धर्म में हंस को मारना अर्थात पिता, देवता, गुरु के मारने के समान माना जाता है। उम्मीद करता हु आपको जीवनी अछि लगी होगी और आप ऊपर के कविताएँ पसंद आई होगी।