आज की कविता भारत के झंडे जिसे हम तिरंगा के नाम से भी जानते है इसलिए आज तिरंगा पर कविता यानि राष्ट्रीय ध्वज पर कविता लिखी गई है ताकि विद्यार्थी जो कक्षा 1,2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 के क्षात्र है वे अपने निबंद परीक्षा में अच्छा कर सके।

जिस तरह हर देश का झंडा उसकी आन बान और शान होता है उसी तरह हमारे देश का झंडा भी हमारी आन  बान शान और पहचान है। यह देश की अखंडता और एकता का प्रतीक है हम सभी को अपने देश के तिरंगे का सम्मान करना चाहिए विष्व में सभी  देश मे अपनी अलग अलग आकृति और रंगों वाला झंडा होता है हमारे तिरंगे में तीन समांतर रंग होते हैं।

केसरिया, सफेद और हरा रंग होते हैं इसकी लम्बाई और चौडाई 3:2 होता है बीच वाली सफेद पट्टी में एक नीला रंग का चक्र होता है जिसमे 24 तिलिया होती है यह खादी कपड़े का बना होता  है खेसरिया रंग और शौर्य को प्रकट करता है बीच का हिस्सा सफेद रंग जो पवित्रता त्याग भावना औऱ सादगी का प्रतीक है नीचे का भाग का हरा रंग हमारे देश की हरियाली धरती की सम्पनता को दर्शाता है सफेद रंग के बीच मे बने चक्र का  कार्य चक्र धर्म बिजय एवम प्रगति का धोतक हैं। 


तिरंगा झंडा पर कविता। Poem On Tiranga In Hindi 


तिरंगा हर देश की पहचान है जब विदेसी प्रधानमंत्री राष्टपति और उच्च अधिकारी हमारे देश मे आते है तो उनकी कंधो पर इनके देश के झंडे बने होते हैं इसलिए झंडा किसी देश का पहचान होता है हमारे देश मे झंडा सभी सरकारी इमारतों पर फहराया जाता है औऱ राष्ट्रीय पर्व जैसे गणतन्त्र दिवस (26 जनवरी) स्वतन्त्रता दिवस (15 अगस्त) गांधी जयंती 2अक्टूबर इत्यादि।

हमारी स्वतन्त्रता की लड़ाई में तिरंगे की एक मुख्य भूमिका थी। 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त करने  के बाद 22जुलाई 1947 को तिरंगे को आक्रिकृत किया गया राष्ट्रीय ध्वज प्रत्येक राष्ट्र की शान होती है।

राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान देना प्रत्येक नागरिक का कर्तब्य है रास्ट्रीयध्वज को अपमानित करना दण्डनीय अपराध है लहराता हुआ तिरंगा प्रत्येक भारती को राष्ट्र प्रेम की भावना से ओत पोते कर देता है। और तो और तिरंगे से ही पता चलता है कि यह नागरिक किस देश का हैं। उम्मीद करता हु की आपको ऊपर लिखी गई कविताएँ बहोत पसंद आएगी।