इंदिरा गांधी पर कविता | Poem on Indira Gandhi in Hindi

आज की कविता इंद्रा जी जिन्हें हम इंदिरा गांधी के नाम से भी जानते है इसलिए आज इंदिरा गांधी पर कविता यानि Indra Gandhi Par Kavita लिखी गई है ताकि विद्यार्थी जो कक्षा 1,2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 के क्षात्र है वे अपने जीवनी परीक्षा में अच्छा कर सके।

भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी एक ऐसी महिला जो न केवल भारतीय राजनीति पर छाई रही बल्कि विश्व राजनीति के क्षितिज पर भी वह विलक्षण प्रभाव छोड़ छोड़ गई यही वजह है कि उन्हें लौह महिला के नाम से संबोधित किया जाता है इंदिरा इंदिरा गांधी का जन्म नेहरू खानदान से हुआ था। वह भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की इकलौती पुत्री थी आज इंदिरा गांधी को सिर्फ इस कारण नहीं जाना जाता की वह पंडित जवाहरलाल नेहरु की बेटी थी बल्कि इंदिरा गांधी अपनी प्रतिभा और राजनीतिक नेता के लिए विश्व राजनीति के इतिहास में हमेशा जाती रहेंगी।

इंदिरा गांधी पर कविता | Poem on Indra Gandhi in Hindi
Indira Gandhi Poem Images


इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर 1948 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में एक संपन्न परिवार में हुआ था श्रीमती इंदिरा गांधी का पूरा नाम इंदिरा प्रियदर्शनी उन्हें एक घरेलू नाम भी मिला था जो इंदिरा का संक्षिप्त रूप इंदु था। उनके पिता का नाम जवाहरलाल नेहरू और दादा का नाम मोतीलाल नेहरू था पिता एवम दादा दोनों वकालत के पेशे से संबंधित है और देश की स्वाधीनता में उनका महत्वपूर्ण योगदान था माता का नाम कमला नेहरू था। 

इन्दिरा गांधी पर सूंदर कविताएँ | Indra Gandhi Poems in Hindi


श्रीमती इंदिरा गांधी अपने बचपन के दौरान स्कूल में सबसे प्रतिभाशाली और सबसे बुद्धिमान छात्रा में से एक थी माना जाता है कि उन्हें स्कूल और कॉलेज के दिनों में से ही नेतृत्व की भूमिकाएं निभानी शुरू कर दी थी और एक छात्र के रूप में उन्होंने जो चीजें सीखी उन्हें दुनिया के सबसे महान नेताओं में से एक के रूप में विकसित होने में मदद मिली वह स्वतंत्रता सेनानियों और राजनेताओं की परिवार में पैदा हुई थी।

श्रीमती इंदिरा गांधी ने उन्होंने श्री रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा स्थापित शांतिनिकेतन में अपनी पढ़ाई की उसने इंग्लैंड के स्वीट स्विट्जरलैंड में भी पढ़ाई की उसने फिरोज गांधी से शादी कर ली इंदिरा गांधी को बहुत कम उम्र में ही स्वतंत्रता संग्राम की ओर आकर्षित किया गया था ।

यहां तक कि वह भारत छोड़ो आंदोलन में भी हिस्सा लेने के लिए नैनी जेल गए इंदिरा जी ने अपने पिता और कांग्रेसी नेताओं से बहुत सारी राजनीतिक शिक्षा प्राप्त की 1964 में पंडित जी की मृत्यु के बाद श्री लाल बहादुर शास्त्री ने उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में सफलता दिलाई इंदिरा गांधी ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय अपने अधीन ले लिया जनवरी 1966 में शास्त्री जी की अचानक मृत्यु हो गई। 

इस प्रकार इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री बनी और 1970 और 1980 के बीच 3 वर्षों को छोड़कर सभी में चार कार्यालय के लिए पद पर रहे वह एक बहुत मजबूत और दृढ़ नेता थी कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह कितनी व्यस्त थी उसके पास हमेशा यह बात होती थी कि भारत के आम लोगों को क्या कहना है । 

इंदिरा उनके नीचे लगातार आगे बढ़ती गई। 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी को उनके अंग रक्षकों ने बेरहमी से मार डाला था इतने दशको तक एक निडर नेता व मृत्यु में भी  बहादुर थी इंदिरा गांधी के लोग अभी भी इस महान महिला  को प्यार और सम्मान करते हैं। उम्मीद करता हु आपको जीवनी अछि लगी होगी और आप ऊपर के कविताएँ पसंद आई होगी।