आज की कविता चाचा जी जिन्हें हम पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम से भी जानते है इसलिए आज चाचा जी पर कविता यानि पंडित जवाहरलाल नेहरू पर कविताए लिखी गई है ताकि विद्यार्थी जो कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 के क्षात्र है वे अपने निबंध  परीक्षा में अच्छा कर सके।

पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री थे पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889में इलाहाबाद में हुआ था उनका जन्मदिन बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है, इनके पिता का नाम मोतीलाल नेहरू था जो एक सक्षम परिवार के थे और माता का नाम  स्वरुपमति था पिता पेशे से वकील थे जवाहरलाल नेहरू अपने पिता के इकलौते पुत्र थे और तीन पुत्रियां थी नेहरू जी को बच्चों से बड़ा स्नेह और लगाव था और वे बच्चों को देश का भावी निर्माता मानते थे। 

पंडित जवाहरलाल नेहरू जी पर कविता| Pandit Jawaharlal Par Kavita


जवाहरलाल नेहरू को दुनिया के बेहतरीन स्कूलों और विश्वविद्यालयों में शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिला उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा हैरो और कॉलेज की शिक्षा ट्रिनीटी कॉलेज लंदन में पूरी की थी उन्होंने अपनी लॉ की डिग्री कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में पूरी की हैरो और कैंब्रिज में पढ़ाई कर 1912 में नेहरू जी ने बार-एट लॉ की उपाधि ग्रहण की और वे बार-बार में बुलाए गए पंडित जवाहरलाल नेहरू शुरू से ही गांधी जी के गांधी जी से प्रभावित थे 1912 में कांग्रेस से जुड़े 1920 के प्रतापगढ़ के पहले किसान मोर्चा को संगठित करने का श्रेय उन्हीं को जाता है।

पंडित जवाहरलाल पर कविता। Poem On Pandit Jawaharlal Nehru In Hindi


1928 में लखनऊ में साइमन कमीशन के विरोध में नेहरू घायल हुए और 1930 के नमक आंदोलन में गिरफ्तार हुए उन्होंने  6 माह जेल काटी 1935 में अल्मोड़ा जेल मेंअपनी आत्मकथा लिखी उन्होंने कुल 9 बार जेल यात्राएं कि उन्होंने विश्व भ्रमण किया और अंतरराष्ट्रीय नायक के रूप में पहचाने गए। 

उन्होंने 6 बार कांग्रेस अध्यक्ष के पद लाहौर 1929 लखनऊ 1936 फैजपुर 1937 दिल्ली और 1951 हैदराबाद 1953 और कल्याणी 1954 को सुशोभित किया 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में नेहरू जी 9 अगस्त 1942 को मुंबई में गिरफ्तार हुए और अहमद नगर जेल में रहे जहां जहां से 15 जून 1945 को रिहा किए गए।

नेहरू ने पंचशील का सिद्धांत प्रतिपादित किया और 1954 में भारत रत्न से अलंकृत हुए नेहरू जी ने तटस्थ राष्ट्रों को संगठित किया और उनका नेतृत्व किया पंडित जवाहरलाल नेहरू ने के कार्यकाल में लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करना राष्ट्र और संविधान के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को स्थाई भाव प्रदान करना और योजनाओं को माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को सुचार करना उनके मुख्य उद्देश्य रहे।उम्मीद करता हु आपको जीवनी अछि लगी होगी और आप ऊपर के कविताएँ पसंद आई होगी।