Poem On Sun In Hindi :- आज की हमारी कविता सूर्य पर होने वाली है जहां तक कि लोगों का कहना है कि सूर्य को वेदों के जगत का आत्मा कहा जाता है,  समस्त जगत की आत्मा सूर्य को माना जाता है सूर्य के वजह से ही आज पृथ्वी में जीवन है यह एक ना झूठ लाने वाला सच है युगो से सूरज को ही पूरी जगह का कर्ताधर्ता माना जाता है|

यदि सूरज ना हो तो धरती बिल्कुल ठंडी और अंधेरी हो जाएगी यहां पर कोई पशु पक्षी और पेड़ पौधे नहीं होंगे क्योंकि पेड़ पौधे को अपना भोजन बनाने के लिए सूर्य की आवश्यकता पड़ती है जब पेड़ पौधे ही नहीं रहेंगे तो जानवर और मानाव कैसे जीवित रहेंगे।


आकाश गंगा में एक सामान्य तारे के समान है सूर्य के जैसे लाखो तारे है लेकिन सूर्य के बड़े तारों की तुलना में छोटे तारे ज्यादा है हालांकि आकाशगंगा में सितारों का औसत द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान के आधे से भी कम है यदि हम सूर्य को दूरदर्शी यंत्र से देखते हैं तो इसकी सतह पर छोटे-बड़े धब्बे हमें दिखलाई पड़ते हैं और हम इन्हें सौर कलंक कहते हैं|

परंतु यदि हम इस पर गौर फरमाएं तो यह कलंक अपने स्थान से घिसकते हुए दिखाई देते हैं  ठीक उसी प्रकार जिस प्रकारर अन्य ग्रह और पृथ्वी  सूर्य का चक्कर लगते हैं उसी प्रकार सूरज  भी पूरे आकाश गंगा के केंद्र का चक्कर काटता  है हालांकि सूर्य मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम गैस का बना हुआ एक गोला है|

आप के जानकारी के लिए बता देता हूं कि सूर्य जिसे हम सूरज कहते है वो कैसे बना है? सूर्य के निचले भाग का निर्माण हाइड्रोजन, हीलियम ,ऑक्सीजन सिलिकॉन ,निकल, लोहा, मैग्नीशियम  ,निऑन कैल्शियम ,कार्बन, क्रोमियम से हुआ है वर्तमान में सूर्य के द्रव्यमान का 70%हीड्रोजन और 26%हीलियम और 2.5% अनन्य धातु /तत्व  है।

सूर्य का केंद्रीय भाग को कोर कहा जाता है इसका तापमान 15600000 डिग्री केल्विन (1.5×107℃) है और इसका दबाव 250बिलियन वायुमंडलीय दबाव  है सूर्य का कुल 20%भाग ही उजवालित है अगर आप एक छात्र होंगे तो आप को ये सब पता होगा।

बहोत ख़ुशी हो रही है ये जान के की आप ने हमारा लिखा गया ये लेख पूरा पड़ा मुझे उम्मीद है कि आप को सूरज पर कविता या सूर्य पर कविता को बहोत पसंद आई होगी आगे भी हम सूर्य पर कविता लिखते रहेंगे बस आप हमारे साथ बने रहे। धन्यवाद